केवल महादेव: एक श्लोक, एक सत्य

📜 श्लोक

एको देवः सर्वभूतेषु गूढः सर्वव्यापी सर्वभूतान्तरात्मा।

भावार्थ :
महादेव एक हैं।
वे सबमें छिपे हैं।
सबमें व्याप्त हैं।
और सबके भीतर आत्मा रूप में स्थित हैं।

महादेव किसी कथा में नहीं बँधते।
वे समय से पहले भी थे
और समय के बाद भी रहेंगे।

न उन्हें पुकारने की ज़रूरत है,
न समझाने की।

जहाँ कुछ भी है —
वहाँ महादेव हैं।

हर हर महादेव 🔱

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