महादेव के बारे में एक ऐसा सत्य जो ज़्यादातर लोग नहीं जानते
अधिकांश लोग शिव को देवता मानते हैं।
कुछ उन्हें संहारक कहते हैं।
कोई उन्हें योगी, वैरागी या भोलेनाथ के रूप में पूजता है।
लेकिन शिव के बारे में एक गहरा सत्य है,
जो बहुत कम लोग समझ पाते हैं —
👉 शिव कभी देवता बनने आए ही नहीं थे।
🔍 शिव देव नहीं, अवस्था (State of Being) हैं
शिव पुराण और उपनिषदों के गहरे अर्थों में देखें,
तो पता चलता है कि “शिव” किसी व्यक्ति का नाम नहीं,
बल्कि चेतना की वह अवस्था है
जहाँ अहंकार समाप्त हो जाता है।
इसीलिए शिव के माता-पिता, जन्म-तिथि या बचपन की कथाएँ
अन्य देवताओं की तरह स्पष्ट नहीं मिलतीं।
क्योंकि शिव जन्म नहीं लेते — वे प्रकट होते हैं।
🧘♂️ शिव क्यों हमेशा ध्यान में दिखते हैं?
लोग सोचते हैं शिव ध्यान इसलिए करते हैं
क्योंकि वे योगी हैं।
पर सच यह है कि
👉 शिव ध्यान नहीं करते, वे ध्यान हैं।
ध्यान करने वाला और ध्यान —
दोनों अलग-अलग होते हैं।
लेकिन शिव में यह भेद समाप्त हो जाता है।
इसी कारण शिव की आँखें आधी खुली दिखाई जाती हैं —
वे न बाहर देख रहे होते हैं,
न भीतर —
वे साक्षी भाव में होते हैं।
🔱 शिव के पास हथियार नहीं, फिर भी सबसे शक्तिशाली क्यों?
अन्य देवताओं के पास
धनुष, गदा, चक्र, अस्त्र-शस्त्र हैं।
शिव के पास क्या है?
👉 त्रिशूल — जो युद्ध से ज़्यादा संतुलन का प्रतीक है।
त्रिशूल के तीन शूल बताते हैं:
इच्छा
ज्ञान
क्रिया
जो इन तीनों को संतुलित कर ले —
वही शिव हो जाता है।
इसीलिए शिव लड़ते नहीं,
जरूरत पड़ने पर स्थिति समाप्त कर देते हैं।
🌙 शिव परिवार में क्यों नहीं बँधते?
शिव विवाहित हैं,
पिता हैं,
पर फिर भी उन्हें वैरागी कहा जाता है।
क्यों?
क्योंकि शिव संबंधों में रहते हैं,
पर उनसे बँधते नहीं।
यही सबसे कठिन कला है —
संसार में रहकर भी उससे मुक्त रहना।
शिव हमें यही सिखाते हैं।
🕯️ शिव मौन क्यों रहते हैं?
शिव के अधिकांश उपदेश
शब्दों में नहीं,
मौन में मिलते हैं।
क्योंकि
शब्द मन से आते हैं
मौन चेतना से
इसीलिए शिव चुप रहते हैं।
वे जानते हैं कि
👉 जो समझने योग्य है,
वह बताया नहीं जाता —
अनुभव किया जाता है।
🌿 अंतिम सत्य
शिव कोई ऊपर बैठा देवता नहीं,
जो वरदान दे या दंड दे।
शिव वह क्षण हैं
जब मन शांत हो जाए,
डर गिर जाए,
और अहंकार पिघल जाए।
जिस दिन तुम्हें
कुछ साबित करने की ज़रूरत न रहे —
उसी दिन तुम शिव के सबसे करीब होते हो।
🕉️ शिव को जानना पूजा नहीं है,
शिव को जानना — स्वयं को जानना है।
हर हर महादेव 🔱
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