माँ पार्वती ने महादेव को पाने के लिए कितने जन्मों तक तपस्या की?
हिंदू धर्म की सबसे पवित्र और अद्भुत प्रेम कथाओं में से एक है माता पार्वती और महादेव की कहानी। यह सिर्फ प्रेम की कथा नहीं, बल्कि धैर्य, समर्पण और तपस्या की ऐसी मिसाल है जिसे आज भी करोड़ों लोग श्रद्धा से याद करते हैं। बहुत लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर माता पार्वती ने महादेव को पाने के लिए कितने जन्मों तक तपस्या की थी और उनकी साधना कितनी कठिन थी। माता सती का पहला जन्म पार्वती जी की कहानी माता सती से शुरू होती है। सती, राजा दक्ष की पुत्री थीं और बचपन से ही शिव को अपना पति मानती थीं। कठिन तपस्या के बाद उनका विवाह महादेव से हुआ। लेकिन राजा दक्ष को शिव पसंद नहीं थे। एक विशाल यज्ञ के दौरान उन्होंने महादेव का अपमान किया। अपने पति का अपमान सहन न कर पाने के कारण माता सती ने यज्ञ अग्नि में स्वयं को समर्पित कर दिया। इस घटना के बाद महादेव अत्यंत दुखी हो गए और संसार से दूर चले गए। माता पार्वती के रूप में पुनर्जन्म समय बीतने के बाद माता सती ने हिमालयराज और रानी मेना के घर पुनर्जन्म लिया। इस जन्म में उनका नाम पार्वती रखा गया। बचपन से ही पार्वती का मन शिव भक्ति में लगा रहता था। उन्हें य...